खामोशी किस्से सुनाती है…

हकीकत में खामोशी
कभी भी चुप नहीं रहती,

कभी तुम ग़ौर से सुनना
बहुत किस्से सुनाती है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Hindi Shayari © 2018 Frontier Theme
%d bloggers like this: